Sahitya Samhita

Sahitya Samhita Journal ISSN 2454-2695

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Call for Papers Sahitya 📢 साहित्य संहिता जर्नल (हिंदी मासिक पत्रिका) – शोध पत्र आमंत्रण

📢 साहित्य संहिता जर्नल (हिंदी मासिक पत्रिका) – शोध पत्र आमंत्रण (Call for Papers)

साहित्य संहिता जर्नल एक हिंदी मासिक, सहकर्मी-समीक्षित (Peer Reviewed) शोध पत्रिका है, जो हिंदी भाषा, साहित्य और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक, गुणवत्तापूर्ण एवं विचारोत्तेजक शोध को प्रोत्साहित करने हेतु समर्पित है। जर्नल का उद्देश्य हिंदी माध्यम से अकादमिक विमर्श को सुदृढ़ करना तथा शोधार्थियों, शिक्षकों और लेखकों को एक सशक्त प्रकाशन मंच प्रदान करना है।

हम शिक्षाविदों, शोधार्थियों, लेखकों, अध्यापकों और स्वतंत्र विद्वानों से निम्नलिखित विषय क्षेत्रों में मौलिक एवं अप्रकाशित शोध पत्र, समीक्षा लेख, वैचारिक लेख और पुस्तक समीक्षाएँ आमंत्रित करते हैं।


🖋️ विषय क्षेत्र (पर सीमित नहीं):

  • हिंदी साहित्य (आधुनिक, मध्यकालीन, आदिकालीन)
  • साहित्यिक आलोचना एवं सिद्धांत
  • हिंदी भाषा, व्याकरण एवं भाषाविज्ञान
  • लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक अध्ययन
  • भारतीय दर्शन एवं विचार परंपरा
  • समाज, शिक्षा, संस्कृति एवं मीडिया अध्ययन
  • अनुवाद अध्ययन
  • महिला अध्ययन, दलित साहित्य, आदिवासी विमर्श
  • समकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियाँ

📄 प्रकाशन विशेषताएँ:

  • मासिक प्रकाशन
  • सहकर्मी-समीक्षित (Peer Reviewed)
  • हिंदी भाषा में प्रकाशन
  • शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपयुक्त
  • अकादमिक एवं शोध उन्मुख पत्रिका

📝 शोध पत्र भेजने के दिशा-निर्देश:

  • लेख पूर्णतः मौलिक एवं अप्रकाशित होना चाहिए
  • भाषा: हिंदी
  • लेख में सारांश (Abstract) एवं प्रमुख शब्द (Keywords) अनिवार्य
  • संदर्भ/संदर्भ सूची मानक अकादमिक शैली में
  • लेखक का नाम, पदनाम, संस्थान एवं संपर्क विवरण अलग पृष्ठ पर

📧 शोध पत्र भेजने हेतु ई-मेल:

Hindi@sahityasamhita.org
(या जर्नल द्वारा निर्दिष्ट आधिकारिक ई-मेल)


📅 प्रकाशन:

शोध पत्र पूरे वर्ष स्वीकार किए जाते हैं। स्वीकृति के बाद लेख आगामी मासिक अंक में प्रकाशित किया जाएगा।


🌺 आमंत्रण:

यदि आप हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में गंभीर शोध कार्य कर रहे हैं, तो साहित्य संहिता जर्नल आपके विचारों को व्यापक पाठकवर्ग तक पहुँचाने का एक उपयुक्त मंच है।
आज ही अपना शोध पत्र भेजें और हिंदी अकादमिक जगत में योगदान दें।