Sahitya Samhita

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सुना है कि आप लड़ते बहुत हैं

  सुना है कि आप लड़ते बहुत हैं शायद बातचीत से डरते बहुत हैं मन्दिर-मस्जिद की आड़ लेकर मासूमों पर जुल्म करते बहुत हैं देशभक्त ...
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क्यों न मृत्यु का भी उत्सव किया जाए

एक मात्र शाश्वत सत्य यही , शिव के त्रिनेत्र का रहस्य यही , चंडी का नैसर्गिक रौद्र नृत्य यही , कृष्णा सा श्यामला , राधा सा शस्य यही।...
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मुझे मेरी मौत का फरिश्ता चाहिए

हर रोज़ ही कोई नई खता चाहिए इस दिल  को दर्द का पता चाहिए कब तक होगा झूठा खैर मकदम मुझे अब बेरुख़ी का अता* चाहिए अच्छे लगते ही न...
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अफवाह

जीना मुश्किल,मरना आसान हो गया हर दूसरा घर कोई श्मशान हो गया माँ कहीं,बाप कहीं,बेटा कहीं,बेटी कहीं एक ही घर में सब अन्जान हो गया ...
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Peer Reviewed UGC Listed Journal for Hindi

AKSAR ( अक्सर ) के विस्तार के साथ है कि मानव जीवन और ज्ञान विभिन्न विषयों की सीमा में सीमित नहीं है। इसका संबंध ज्ञान की विविध धाराओं...
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