Sahitya Samhita Journal ISSN 2454-2695
बहुत सारे लोग डरते हैं—कुछ कहने से, कुछ करने से। बेहिसाब मतलब से, आगे बढ़ने से, पीछे हटने से। परिणाम के डर से, इस दुनिया से लड़ने से। जीत की देरी से, ह…