साहित्य समाज का दर्पण माना जाता है, क्योंकि उसमें मनुष्य के जीवन की वास्तविक परिस्थितियाँ, संघर्ष, आकांक्षाएँ और विरोधाभास अभिव्यक्त होते हैं। गरीबी …
Read moreभारतीय समाज की संरचना को समझने के लिए किसान जीवन का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परंपरा में किसान की भूमिका क…
Read moreसमकालीन साहित्य अपने समय की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थितियों का संवेदनशील दर्पण है। वर्तमान समय में युवाओं की आकांक्षाएँ तेजी से बढ़…
Read moreबेरोजगारी आधुनिक समाज की सबसे गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याओं में से एक है। यह केवल रोजगार की अनुपलब्धता का प्रश्न नहीं है, बल्कि व्यक्ति की आत्मसम्…
Read moreआधुनिक युग में महानगर विकास, अवसर, शिक्षा, रोजगार, तकनीक और आधुनिक जीवनशैली के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, ह…
Read moreभारत में शहरीकरण केवल भौगोलिक विस्तार या जनसंख्या के शहरों की ओर स्थानांतरण की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और मानसिक परिव…
Read moreरंजीत कुमार सिंह शोधार्थी, स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग वीर कुॅवर सिंह विष्वविद्यालय, आरा डाॅ कुमारी साधना सहायक प्राध्यापक, मनोविज्ञान विभाग एच0डी0 …
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