Showing posts with label Poems. Show all posts
Showing posts with label Poems. Show all posts

इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है

इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है कहीं आँधी कहीं तूफाँ उठा रक्खा है आँखों के दरीचे में काश्मीर दिखे हैं हर अँगड़ाई में बहार बिछा...
Read More

हवा तो बस इक बहाना था,तमाशा ये आज होना था

हवा तो बस इक बहाना था,तमाशा ये आज होना था खुदा की रजामंदी थी,आग मेरे ही घर में लगाना था मदद की ये इन्तहा थी,ये कमाल भी होना था म...
Read More
मंदिरों में आरती,मस्जिदों में अजान होता नहीं(ग़ज़ल)

मंदिरों में आरती,मस्जिदों में अजान होता नहीं(ग़ज़ल)

वो आँखों में होता है जो निगाहों में होता नहीं जो हो इश्क़ में उसे फिर कोई होश होता नहीं दवा,दुआ,शाइस्तगी,हमनफ्सगी सब बेकार वो ज़ख़्...
Read More

खुले आसमाँ की धूप भी पिया कर(ग़ज़ल)

आलीशान महलों में वो गर्माहट नहीं कभी खुले आसमाँ की धूप भी पिया कर कोई फर्क ही नहीं है राम और अल्लाह में दिल जिसे मानता है,नाम उसी ...
Read More
आपको देखके न जाने क्या क्या सोचते होंगे

आपको देखके न जाने क्या क्या सोचते होंगे

आपको देखके न जाने क्या क्या सोचते होंगे ज़मीं पे सरगोशी करता कोई चाँद सोचते होंगे क्या कोई आतिश थी या कोई नर्म फुहार फ़िज़ा से आपके जाने के ब...
Read More