प्रदूषण विषय पर लेख

  • संजय भगत

Abstract

प्रदूषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कुछ खतरनाक प्रदूषकों द्वारा पर्यावरण को दूषित कर दिया जाता है और परिणामस्वरूप पारिस्थितिकी तंत्र अव्यवस्थित हो जाता है एवं इससे सीधे या परोक्ष रूप से परिस्थितिकी तंत्र में निवास करने वाले मनुष्य, पशु-पक्षी एवं पौधों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रदूषण द्वारा प्राकृतिक व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाती है और इस वजह से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाता है। जल, वायु एवं मिट्टी के भौतिक, रासायनिक या जैविक विशेषताओं में ऐसा अवांछनीय परिवर्तन होना जिससे किसी भी जीव का जीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है या उसके स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है, प्रदूषण कहलाता है। मनुष्य द्वारा की गई तकनीकी प्रगति भी पृथ्वी पर प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक है।

Published
2018-08-16