वैश्विक उष्णता का मानव जीवन पर प्रभाव

  • डॉ. ऋतु दीक्षित

Abstract

प्राकृतिक संसाधनों के लगातार विदोहन ने प्राकृतिक संरचना को तहस-नहस कर दिया है। इसकी परिणति निश्चित रूप से भयावह ही होनी थी, जो अनेकानेक समस्याओं के रूप में हमारे सामने है।प्रकृति में हो रहे भीषण परिवर्तन के सामने मनुष्य लाचार नजर आ रहा है।उसके आविष्कार उसका साथ नहीं दे पा रहे हैं।जनसंख्या वृद्धि, सूखा, बाढ़, भूकम्प, ज्वालामुखी, सुनामी, महामारियां, वैष्विक उष्णता जैसी समस्यायें दिन प्रतिदिन अपने पैर पसारती जा रही हैं। इन सभी समस्याओं में वैश्विक तापमान में वृद्धि मानव जनित सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभर कर आयी है जिससे पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को ही खतरा पैदा हो गया है।

Published
2022-01-03