संगीत का आध्यात्म एवं चिकित्सा से सम्बन्ध

  • पं. देशराज वषिष्ठ

Abstract

संगीत के द्वारा आध्यात्म का मार्ग सुलभ, सरल एवं सरस होता है। अर्थात यह कहें कि आध्यात्म और संगीत दोनों ही परमात्मा से मिलने के सोपान है क्योंकि आध्यात्म का उद्गम भी वेदों से है तथा संगीत का जनक भी सामवेद को माना गया है। आध्यात्म में संगीत दवाई में मिठाई का कार्य करता है जैसे कोई दवा विषेष कड़वी है यदि उसमें कुछ मिठास मिला दी जाय तो वह आसानी से निगली जा सकती है। उसी प्रकार आध्यात्म में वेद वेदान्त की भाषा कही पर क्लिप्ट होती है तो संगीत के माध्यम से लयबद्ध होकर वह जल्दी समझ में आ जाती है। राग के द्वारा ही विराग उत्पन्न होता है तथा स्वर से ही ईष्वर की प्राप्ति होती है।

Published
2021-01-15