डाॅ0 राजेन्द्र मिश्र के एकांकी एवं शिक्षा की समस्या

  • रीना सिंह

Abstract

शिक्षा शब्द संस्कृत भाषा के ‘शिक्ष’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है- सीखना या ज्ञान प्राप्त करना। शिक्षा को ‘विद्या’ भी कहा गया है जो ‘विद’ धातु से बना है, उसका तात्पर्य जानना या ज्ञान प्राप्त करना, वर्तमान समय में शिक्षा को त्रिधु्रवीय प्रक्रिया के रूप में स्वीकार किया गया है। अर्थात् शिक्षा में शिक्षक, शिक्षार्थी और पाठ्यक्रम को सम्मिलित किया गया हैं अतः यह तीनों ध्रुव शिक्षा के आन्तरिक पर्यावरण का निर्माण करते हैं, जिससे शिक्षा देने और प्राप्त करने का सर्वाेत्तम पर्यावरण उपस्थित रहे। शिक्षा को और उत्कृष्ट बनाने के लिए बाह्य पर्यावरण (संसाधन, प्रशासन, अभिभावक का दृष्टिकोण इत्यादि) भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं।

Published
2020-10-16