उम्मीदों की मंजिल

  • देव कुमार शर्मा

Abstract

तू अरमानों का है  साहिल , उम्मीदों की मंजिल 

तू  सबका  दिलवर  है  तुझपेहै  सबका  दिल

Published
2017-04-12