इश्क करो तो आँखों में अश्क रखो

  • शुभाना श्री

Abstract

इश्क करो तो आँखों में अश्क रखो 

किसे पता कब कौन बेवफा निकले 
किया था प्यार 'साहिलभी कभी 
दरिया की रवानी से 
मौज इ तूफानी से 
यद् है हम भी दीवाने थे कभी 

Published
2017-04-11