किसका सुख किसको भाता है

  • अरुण कुमार शर्मा

Abstract

किसका सुख किसको भाता है 

कौन यहाँ हर वक़्त हँसता है 
जीवन ने जब साँस चुराई 
मौत बन कर दुल्हन आई 
दो राहों के थके रही 
चौराहे पे मिले ज्योंही 
जग उसका उपहास करता 
सावन अग्नि बरसता है 
किसका सुख... 

Published
2017-05-17