जीने की तमन्ना है...

जीने की तमन्ना है...

जीने की तमन्ना है 
जीना चाहता हूँ 
एक दो पल 
हँसना चाहता हूँ 
हंसीं ओठों से निकले 
या दिल से आये 
ये तय होता ही नहीं 
किसी को देखने से 
हंसी चेहरे पे आये सही 
ये होता है कभी कभी 
भला हम कैसे रहे 
दिल की बात कहे 
जब दिल से खुश होता हूँ 
कोई सामने हॉट ही नहीं 
ये बात तो दिल की रही 
भला हम उनकी क्या कहे 
खूब आता ही उन्हें 
रुलाकर हँसाना 
रूठ जाने पे मानना 
किसी ने ठीक कहा है
चूहे को मरकर गोबर सुंघाना
मरे घोरे को घास खिलाना 
अजब है जिन्दगी का फ़साना 
किसे कहे हम आपना
किसे कहे बेगाना 
पर 
जीने की तमन्ना है 
जीना चाहता हूँ 
एक दो पल 
हँसना चाहता हूँ
Shashikant Nishant Sharma
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