आदमी का मूल्य..

  • आदमी का मूल्य..

  • आदमी का मूल्य
    घाट गया है भाव
    डूब गया है
    भौतिकता के भंवर में
    नैतिकता का नाव
    छुट गया है
    मानवता का पतवार
    बैठा 'साहिल' सोच रहा है
    क्या ठहर गया सागर
    विकास का
    या बदल गया संसार
    खुद ही बना ली है
    अपनी क्या हालत
    लगते है एक दुसरे का कीमत
    क्या यही है हकीकत
    सुना है खबर आई है
    बस सौ रुपये है
    आदमी की कीमत
    क्या भूल गया है भौतिकतावादी
    आस्सी रुपये है एक गोली की कीमत
    तो कितना हुआ फायदा
    मरने से आदमी को
    केवल बीस रुपये
    ए खुदा का नेक बंदा
    थोरा और ज्यादा
    ले ले मुनाफा
    कर दे मनुष्य के मूल्य में
    थोरा सा इजाफा!
    शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल' 
    Shashikant Nishant Sharma
Share on Google Plus

About Pen2Print Services

0 comments:

Post a Comment